Patna Schooli Fees : अगर आप भी पटना राज्य से होंगे तो यह अच्छी तरह से जानते होंगे को वहां पर बच्चों को पढ़ाना कितना मंहगा हो गया और गरीबों ने तो अपने बच्चों को school जाने से मना कर दिया आखिर वहां पर इसकी कीमत में इतनी क्यों वृद्धि हुई आज के इस ऑर्टिकल में हम आपको A to Z सभी चीजें बताएंगे –
किताबें महंगी क्यों हुई?
आखिर पटना के स्कूलों में किताबों की दाम में इतनी रुपए की क्यों हुई वृद्धि इसका कारण है Narendar Modi Sorry Sorry गलती हो गई यह तो डायलॉग है असली कारण है प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें महंगी होती है , स्कूल किताबों प्रशासकों के बीच कमिशन का मामला हर साल नए admission का दबाव , साथ ही साथ बंडल सिस्टम इसके सबसे प्रमुख कारणो में से एक है l
Patna Schooli Fees 15% से लेकर 20% बढ़ने का असर:

हर साल किताबों की कीमतों में लगभग 15% से लेकर 20% तक वृद्धि देखने को मिलती है हर साल साथ ही साथ कुछ मामलों में प्राइवेट की किताबें NCERT की किताबों से कई गुना महंगी मिलती है हर बच्चे के किताबों का खर्च हजारों से बढ़कर 10000 रूपये से लेकर 25000 रूपये तक हो गया है l
नियम क्या कहते है?
नियम यह कहता है कि हम NCERT की किताबों को ही महत्व देंगे अभिभावक को किसी दुकान से महंगी किताबों को खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है l लेकिन कई प्राइवेट स्कूल इस नियम को नहीं मानती है और वे पैसे के लालच में एक गरीब लड़के से उसके हक की शिक्षा को छीन लेते है l
Patna Schooli Fees क्या कर सकते है अभिभावक?
सबसे पहले अभिभावकों को लिखित में सूची लेनी चाहिए स्कूलों से , जरूरत पड़े तो शिक्षा विभाग में आप इसकी शिकायत कर सकते है , सेकंड हैंड किताबों का इस्तेमाल करे परंतु कुछ ऐसे लालची प्रवृति के school होते है जो हर साल ही अलग अलग कक्षाओं की किताबों को चेंज करते रहते है l
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